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Monday, 30 September 2019

Andhera (wip)

उस अंधेरे कोने में
जहां रोशनी की कोई किरण नही आती
दुख बैठा है चुपके से
फ़ूट पड़ता है जब आती है रात

मैंने लाख उजाले किए
जलाए जीवन के पथ पर कई चिराग
दीए कई टूट गए बुझ गए
जलती रही वो काली आग

ख्यालों में रखे प्यारे सपने
दिन में देखे सपने